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  • yxavonema became a registered member 3 weeks, 6 days ago

  • ashutosh became a registered member 3 weeks, 6 days ago

  • Sumit became a registered member 3 weeks, 6 days ago

  • जो दिल के करीब थे ,वो जबसे दुश्मन हो गए
    जमाने में हुए चर्चे ,हम मशहूर हो गए

  • Narayan Gupta became a registered member 3 weeks, 6 days ago

  • Abhishek became a registered member 1 month, 1 week ago

  • Davidkbmf became a registered member 1 month, 2 weeks ago

  • gausiya hayaat became a registered member 1 month, 4 weeks ago

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  • Probir Roy became a registered member 1 month, 4 weeks ago

  • nidhi posted an update 1 month, 4 weeks ago

    वफ़ा के रंगों में रंगी है हर शाम आपके लिए,
    हैं ये नज़र और हर सांस आपके लिए,
    महकते रहो आप सदा फूलों की तरह,
    है इस ज़िन्दगी की हर सुबह और हर शाम आपके लिए।

  • Vishwajeet singh became a registered member 1 month, 4 weeks ago

  • Hearts_touchings became a registered member 1 month, 4 weeks ago

  • mahima devi posted an update 3 months ago

    बाहर से सूरज की गर्मी की तरह
    अंदर से बारिश की बूंदो की तरह
    क्या बोलू उसके बारे में..वो तो हैं
    घने बादलो में इंद्र धनुष की तरह

  • mahima devi posted an update 3 months ago

    अलफ़ाज़ की शक्ल में एहसास लिखा जाता हैं
    यहाँ पानी को भी प्यास लिखा जाता हैं
    मेरे ज़ज़्बात से वाकिफ हैं मेरी कलम,
    मैं प्यार लिखू तो तेरा नाम लिखा जाता हैं

  • mahima devi posted an update 3 months ago

    जब यार मेरा हो पास मेरे, मैं क्यूँ न हद से गुजर जाऊँ,
    जिस्म बना लूँ उसे मैं अपना, या रूह मैं उसकी बन जाऊँ।
    लबों से छू लूँ जिस्म तेरा, साँसों में साँस जगा जाऊँ,
    तू कहे अगर इक बार मुझे, मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।

  • mahima devi posted an update 3 months ago

    चलते चलते राह में उनसे पहली मुलाकात हुई,
    वो कुछ शरमाई फिर सहम सी गई,
    दिल तो हमारा भी किया कि कह दे उनसे
    अपने दिल की बात…
    पर कम्बखत इस दिल की इतनी हिम्मत ही न हुई.

  • Nagla posted an update 3 months ago

    सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,

    किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,

    फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,

    तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।

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