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  • nidhi posted an update 5 days ago

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  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    1 : उनकी यादें भी खूब पत्थरबाजी कर रहीं है.!
    आज मेरा हाल हु ब हु कश्मीर जैसा है.!!
    2: बहल तो जाएगा मेरा दिल,उसके वादों से लेकिन?
    चलेगी पानी में काग़ज़ की कश्ती कब तक.!!
    3: मैं रोशनी था,मुझे फैलते ही जाना था.!
    वो बुझ गए,जो समझते रहे चिराग़ मुझे.!!
    4: कभी तुम्हारा नाम,कभी सिगरेट.!
    मेरे होंठो पर हमेशा,चिंगारिया ही रही हैं.!!
    5: पहले तराशा कांच से,…[Read more]

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    छलकते दर्द को होठों से बताऊं कैसे
    ये खामोश गजल मैं तुमको सुनाऊं कैसे
    दर्द गहरा हो तो आवाज़ खो जाती है
    जख़्म से टीस उठे तो तुमको पुकारूं कैसे
    मेरे जज़्बातों को मेरी इन आंखों में पढ़ो
    अब तेरे सामने मैं आंसू भी बहाऊं कैसे
    इश्क तुमसे किया, जमाने का सितम भी सहा
    फिर भी तुम दूर हो हमसे, ये जताऊं कैसे

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते हैं,
    हँसती आँखों में भी जख्म गहरें होते हैं,
    जिनसे अक्सर रूठ जाते है हम
    असल में उनसे ही रिश्ते ज्यादा गहरे होते हैं…

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    इन दूरियों को जुदाई मत समझना
    इन खामोशियो को नाराजगी मत समझना
    हर हाल में साथ देंगे आपका
    ज़िंदगी ने साथ न दिया तो बेवफाई मत समझना ।।

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    कहीं इज़हारे-मोहब्बत सुनके खफा ना हो
    जाए वो
    ये सोचके लगता है खामोश रहना ही अच्छा
    है.

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    Kabhi Dard Hai To Dawa Nahi__ Jo Dawa Mili To Shifaa Nahi

    Wo Zulm Karte Hai Is trah _ Jaise Mera koi Khuda Nahi .

    ________

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    एक छुपी हुई पहचान रखता हूँ,
    बाहर शांत हूँ, अंदर तूफान. रखता हूँ,

    रख के तराजू में अपने दोस्त
    की खुशियाँ,
    दूसरे पलड़े में मैं अपनी जान रखता हूँ।

    मुर्दों की बस्ती में ज़मीर
    को ज़िंदा रख कर,
    ए जिंदगी मैं तेरे उसूलों का मान
    रखता हूँ।

  • Siddhesh posted an update 1 month, 1 week ago

    अफ़सोस उस वक़्त बढ़ जाता है जब

    लड़की वालों को वह चीज़ें भी जहेज़ में…..

    देने के लिये खरीदते देखता हूँ

    जो खुद उनके घर में भी नहीं होती….!!😢😢

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