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  • Ruhani posted an update 2 months ago

    वो चाँदनी का बदन खुशबुओं का साया है,
    बहुत अजीज़ हमें है मगर पराया है,
    उसे किसी की मोहब्बत का ऐतबार नहीं,
    उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है।