• Siddhesh posted an update 1 week, 5 days ago

    नहीं होती अगर बारिश तो पत्थर हो गए होते
    *ये सारे लहलहाते खेत बंजर हो गए होते*

    तेरे दामन से सारे शहर को सैलाब से रोका
    *नहीं तो मेरे ये आँसू समन्दर हो गए होते*

    तुम्हें अहले सियासत* ने कहीं का भी नहीं रक्खा
    *हमारे साथ रहते तो सुख़नवर हो गए होते*

    अगर आदाब कर लेते तो मसनद* मिल गई होती
    *अगर लहजा बदल लेते गवर्नर हो गए होते*