• Siddhesh posted an update 1 week, 5 days ago

    छलकते दर्द को होठों से बताऊं कैसे
    ये खामोश गजल मैं तुमको सुनाऊं कैसे
    दर्द गहरा हो तो आवाज़ खो जाती है
    जख़्म से टीस उठे तो तुमको पुकारूं कैसे
    मेरे जज़्बातों को मेरी इन आंखों में पढ़ो
    अब तेरे सामने मैं आंसू भी बहाऊं कैसे
    इश्क तुमसे किया, जमाने का सितम भी सहा
    फिर भी तुम दूर हो हमसे, ये जताऊं कैसे